सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता के लिये अंहकार से करें परहेज-‘आर बी सिंह राज’

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सीधी एक्सप्रेस न्यूज़, सीधी
30 मई यानी हिन्दी पत्रकारिता दिवस के पर्व पर स्थानीय होटल बसंत पैलेस में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मॉ सरस्वती एवं भारत माता की प्रतिमा के सामने पुष्प अर्पित द्वीप प्रज्जवलित किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आर.बी.सिंह ‘राज’, विशिष्ट अतिथिद्वय नरेन्द्र तिवारी,मनोज पाण्डेय एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष बतौर अखिलेश पाण्डेय ने शिरकत की।
जिले के वरिष्ठ पत्रकार एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर.बी. सिंह ‘राज’ ने बड़े ही सरल व सहज ढंग से पत्रकार एवं पत्रकारिता के विषयों पर प्रकाश डाला। श्री सिंह ने कहा कि ज्यादातर देखने में आता है कि पत्रकार हमेशा समाज हेतु तत्पर दिखता है किन्तु 30 मई को पत्रकारिता के लिये समय निकालता है।
सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए व्यक्ति को अंहकार से सदैव परहेज करने की आवश्यकता है।
धार्मिक दृष्टिकोण से महामुनि देव ऋषि नारद मुनि प्रथम पत्रकार माने जाते हैं जिनकी हर खबर में समाज कल्याण छिपा रहता था।
आर.बी.सिंह ‘राज’ ने आगे कहा कि भारत देश में पत्रकारिता देश की स्वतंत्रता के पहले से प्रारंभ हुई और देश को पूर्ण रूपेण स्वंत्रत कराने में पूर्व पत्रकारों का विशेष योगदान रहा। सुविधा साधन विहीन दिल में देश भक्ति का जज्बा लिये कलम दवाद के सहारे भी पूर्व में सराहनीय पत्रकारिता की गयी थी जो कि हम सबके लिये जीवन पर्यन्त प्रेरणादायी रहेगी।
श्री सिंह द्वारा अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक बार मुझे विश्व स्तरीय बी.बी.सी. लंदन के ख्याति प्राप्त पत्रकार मार्क टुली का साक्षात्कार करने का मौका मिला जिसमें मुझे खुद सीखने को मिला कि ऊॅचाई पर पहुंचने के लिये पत्रकारिता सहित अन्य क्षेत्रों में घमंड एवं अभिमान का परित्याग करना अति आवश्यक है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नरेन्द्र तिवारी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि 30 मई 1826 का यह वही दिन था जब पंडित युगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता से प्रथम हिन्दी समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन आरंभ किया था। उदन्त मार्तण्ड नाम उस समय की सामाजिक परिस्थितियों का संकेतक था जिसका अर्थ है-समाचार सूर्य। भारत में पत्रकारिता की शुरूआत पंडित युगल किशोर शुक्ल ने ही की थी।
मंच को संबोधित करते हुए जिले के वरिष्ठ पत्रकार मनोज पाण्डेय ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने एक लंबा सफर तय किया। उदन्त मार्तण्ड के आरंभ के समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि हिन्दी पत्रकारिता इतना लंबा सफर तय करेगी। युगल किशोर शुक्ल ने काफी समय तक उदन्त मार्तण्ड को चलाया और पत्रकारिता की। लेकिन कुछ समय के बाद इस समाचार पत्र को बंद करना पड़ा जिसका मुख्य कारण था,उसे चलाने के लिए पर्याप्त धन का न होना। लेकिन वर्तमान की परिस्थितियां तब से काफी अलग है।
कार्यक्रम के अगली कड़ी में अखिलेश पाण्डेय वरिष्ठ पत्रकार अन्य सामाजिक संगठन प्रमुख एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि सबसे पहले तो मैं म.प्र. श्रमजीवी पत्रकार संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजीव मिश्रा एवं सुशील अग्रवानी का आभार व्यक्त करता हॅू।
श्री पाण्डेय द्वारा कहा गया कि आज काफी संख्या में लोग पत्रकारिता पर पैसा लगा रहे हैं और अब ये केवल पत्रकारिता न रहकर एक बड़ा कारोबार बन गया है। बीते 189 वर्षों में हिन्दी अखबारों व समाचार पत्रिकाओं के क्षेत्र में काफी तेजी आई है और हिन्दी पाठक भी अपने अखबारों को पूरा समर्थन देते हैं। वैसे तो हिन्दी पत्रकारिता की शुरूआत बंगाल से हुई और इसका श्रेय राजा राममोहन राय को दिया जाता है। राजा राममोहन राय ने ही सबसे पहले प्रेस को सामाजिक उद्देश्य से जोड़ा और भारतीयों के सामाजिक,धार्मिक, राजनीतिक,आर्थिक हितों का समर्थन किया।
उक्त कार्यक्रम म.प्र. श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित किया गया जिसका सफल मंच संचालन संजीव मिश्रा रहीश जिला कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा किया गया।

इनकी रही उपस्थिति…

इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एस.एस.मिश्रा,आनंद अकेला,राकेश सोनी,महेन्द्र सरार्फ,मनोज सिंह,अमित गौतम स्वतंत्र,अरूण गुप्ता,आदर्श गौतम,सुशील अग्रवानी सहित जिले के समस्त प्रिंट, इलेक्ट्रानिक एवं वेव मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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