गज़ल गीतों के माध्यम से किया श्रृंगार रस का वर्णन

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सीधी एक्सप्रेस न्यूज़। सीधी
गज़ल गीत ही नहीं आंतरिक संबंध स्थापित करने कि एक डोर है
गज़ल के धुन मे झूमे दर्शक
भारत सरकार के द्वारा किए गए लॉकडाउन में आर्ट ऑन क्लिक के द्वारा एक पहल चलायी गयी जिसमे देश के के तमाम कलाकार आर्ट ऑन क्लिक से जुड़कर एक मोबाइल से क्लिक के माध्यम से लोगो तक अपनी कला का प्रदर्शन कर सके लेकिन लॉकडाउन हो जाने के कारण एक दूसरे से मिल पाना काफी मुश्किल था तब आर्ट ऑन क्लिक के द्वारा ऑनलाइन कई महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमे कला समाज के लिए औषधि है और भी अनेक महोत्सव करने के बाद अब आर्ट ऑन क्लिक के द्वारा माटी की बोली नामक महोत्सव का आयोजन किया गया है जिसमे निमाड़ क्षेत्र के सुप्रसिद्ध कलाकार अपनी अपनी कलाओं का प्रदर्शन करेंगे आर्ट ऑन क्लिक द्वारा आयोजित 21 दिवसीय माटी की बोली महोत्सव के छठवें दिन धार जिले के गज़ल गायक श्रीं देवेन्द्र जी चांदोरा ने गज़ल गीतों की कि प्रस्तुति दी जिसे सुन कर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और साथ ही साथ उन्होंने बताया कि गज़ल का मतलब होता है औरतों से अथवा औरतों के बारे में बातचीत करना। यह भी कहा जा सकता हैं कि ग़ज़ल का सर्वसाधारण अर्थ हैं माशूक से बातचीत का माध्यम। उन्होंने कई मनमोहक गीत प्रस्तुत किए जिसमें. तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो. क्या ग़म है जिसको छुपा रहे हो तुम इतना.. – देवेन्द्र चांदोरा की मधुर आवाज में प्रेम और उसके संपूर्ण भावों को काफी लंबा आयाम दे रही है। प्रेम में गम और दुख की बयार को इससे बेहतर कोई और गज़ल पेश नहीं कर सकती। हिंदी फिल्मों में गज़लों की बात करें और इन गज़लों का जिक्र न हो यह संभव ही नहीं, इन फिल्मों की गज़लें सदैव जवां रहकर मन को महकाती रहेंगी देवेंद्र चांदोरा जी लगातार 25 वर्षो से गज़ल गीत गाते आ रहे है और अपनी संस्कृति को सहेजने मे कार्यरत है लेकिन यह विडंबना है कि इन 25 वर्षों में आज तक इन्हें कोई बड़ा मंच नहीं मिल सका है जोकि कि एक कलाकार का सबसे बड़ा सपना होता है आर्ट ऑन क्लिक लगातार कलाकारों को मंच देने में कार्यरत है कृष्णा मालीवाड़ के संयोजन में यह कार्यक्रम सफल हुआ इसीलिए आप लोगों से अनुरोध है की आप लोग ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ इस महोत्सव को देखें तथा महोत्सव को सफल बनाने में हमारी मदद करे महोत्सव मे सहयोगी संस्थान मांडव लोक कला सांस्कृतिक समिति इंद्रवती नाट्य समिति सीधी ट्रांसफ्रेम आरम्भ कत्थक स्टूडियो आदि है आर्ट ऑन क्लिक से नीरज कुंदेर प्रवीण सिंह रोशनी प्रसाद मिश्र कृष्णा मालिवाड़ रुपेश कुमार मिश्र मयंक दुबे आकाश जांगिड प्रवीण सिंह नमिता मालवीय लावी धुर्वे बेबी सिंह वेदिका मस्की के निरंतर प्रयास से कार्य सफल हो रहा है आर्ट ऑन क्लिक के संचालक शिवा कुंदेर ने सभी कलाकारों, कलाप्रेमियो व समस्त मीडिया परिवार का आभार ज्ञापित किया।

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