सीधी।मजदूरी भुगतान न होने की समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण, विकासखण्ड सिहावल के ग्राम पंचायत देवरी का मामला

0
44

सीधी
जिले के सिहावल विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी में कराये गये मनरेगा के तहत कार्यों में लगे श्रमिको को निर्धारित मजदूरी न दिये जाने की समस्या लेकर श्रमिक व ग्रामीण आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत किये। शिकायत पर कलेक्टर ने जनपद सीईओ को जांच कर कार्यवाही किये जाने का निर्देश दिये हैं।
ग्राम पंचायत देवरी से आए ग्रामीणों द्वारा दिये गये शिकायती आवेदन में आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक एवं सचिव द्वारा फर्जी लोगों के नाम डालकर प्रवासी एवं अप्रवासी मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार रामपति यादव, धर्मराज सिंह तथा रामधनी सिंह देवरी के खेत में मेढ़बंधान का कार्य कराया गया है, जिसमे फर्जी श्रमिको का नाम डालकर राशि आहरित की गई है और वास्तविक में जो श्रमिक कार्य किये हैं उन्हे 72.८३ रूपये एवं २८ रूपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया गया है। जिसकी शिकायत लेकर श्रमिक पंचायत भवन में गये जहां चौकीदार मौजूद थे, फोन करने पर मौके पर सरपंच पहुंचे लेकिन सचिव द्वारा कहा गया कि वह सीधी में हैं और समय आने के लिए नहीं है। रोजगार सहायक से मजदूरी भुगतान कम किये जाने की जानकारी लेने पर रोजगार सहायक ने कहा कि यह भुगतान इंजीनियर द्वारा मूल्यांकन पर किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे मजदूरों के नाम मस्टररोल में डाला गया है जो बाहर काम कर रहे हैं और उनकी हाजिरी पंचायत में भी लगी हुई है। उन्हे दोनो जगह भुगतान दिया गया है। आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री आवास की राशि भी बगैर कार्य कराये ही आहरित कर लिया गया है। इतना ही नहीं हितग्राहियों से 15 हजार रूपये लिया गया है। जिसके चलते संबंधित हितग्राही के अभी तक छत नहीं पड़ पाया है। ग्राम पंचायत में रोहणी जोगी के घर से दीनदयाल साहू के घर तक पीसीसी सडक़ निर्माण का कार्य बगैर कराये ही राशि निकाल ली गई है। गांव में तालाब गहरीकरण के नाम पर भी 1 लाख ३० हजार रूपये आहरित किया गया है। रोजगार सहायक द्वारा कई शासकीय कर्मचारी व दूसरे लोगों का नाम मनरेगा के कार्य में मस्टररोल पर उनका नाम जोडक़र मजदूरी आहरित की गई है जबकि कर्मचारी अपने दफ्तर में काम कर रहे हैं। गांव में प्रवासी एवं अप्रवासी श्रमिक बेरोजगार हैं जिन्हे रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मांग करने पर रोजगार सहायक व सचिव द्वारा कहा जाता है कि अभी स्टीमेट नहीं है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से कार्यवाही किये जाने की मांग की जिस पर कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ को जांच कर दोषियों पर कार्यवाही किये जाने का निर्देश दिये हैं। शिकायत के दौरान बिहारी सिंह गोंड़, राजपाल सिंह गोंड़, राजबहादुर सिंह गोंड़, दलप्रताप सिंह गोंड़, अजमेर सिंह, मान सिंह, राजबहोर गोस्वामी, पार्वती गोस्वामी, विजय कुमार, बैजनाथ, दीपक गोस्वामी, रामसंजीवन, राजकुमार सिंह गोंड़, सुगनी गोंड़, सुगिया गोंड़, सुखवंती सिंह, फूलकली सिंह, जयमंती सिंह, फूलकली सिंह, ममता, कुसुमकली, छोटी सिंह, नारायण सिंह, रामप्यारी, सियावती, चन्द्रकली सिंह सहित तीन दर्जन ग्रामीण उपस्थित रहे हैं।
०००००००००००

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here