सूखा नाले के उद्धार की फिर कयावत प्रारंभ,मिनी स्मार्ट सिटी के तहत750 लाख रूपए के लागत से होगा सौंदर्यीकरण

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आर.बी.सिंह राज
【वरिष्ठ पत्रकार】

सीधी।

शनिवार को जिला प्रशासन की पहल पर विगत वर्ष से लम्बित पड़े मिनी स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को अरसे बाद पुन: गति प्रदान की गयी।
सूखा नाला के तट पर बनने वाली सड़क का स्थानीय सर्किट हाउस पुलिस लाईन के समीप से होते हुए पं.दीनदयाल कालोनी, नेहरू पार्क व गोपालदास मंदिर तक सूखा नाले के किनारे चलने के लिये पीसीसी सड़क निर्माण एवं रिटेनिंग वाल व स्ट्रीट लाइट सहित अन्य कार्यों का शुभारम्भ कल शनिवार की दोपहर से कर दिया गया है।
प्रशासन द्वारा उक्त कार्य को पूर्ण करने के लिये 18 माह की समयावधि तय की गयी थी किन्तु विगत तीन माह से कोरोना महामारी के चलते कार्य प्रांरभ नहीं हो सका। गोपाल दास पुल से कलेक्ट्रेट पुल तक के निर्माण कार्य हेतु अनुमानित लागत 750 लाख रूपए बतायी जा रही है।

♦️ प्रोजेक्ट के तहत बदलेगा शहर का स्वरूप

मिनी स्मार्ट सिटी के तहत शहर की मूलभूत कमियों को पूर्ण करने का एक सार्थक प्रयास किया जा रहा है, जिसमें रीवा मार्ग में स्थित तोरण द्वारा से लेकर सिंगरौली मार्ग के तोरण द्वार तक स्ट्रीट लाईट, वाटर बैंक, मुख्य मार्गों के समीप फुटपाथ निर्माण, शहर की यातायात व्यवस्था दुरूस्त करने की मंशा से सिग्नल लाईट, नवीन बस स्टैंड सहित अन्य प्रमुख कार्यों को गति प्रदान की जायेगी।

♦️ सूखा नाले के जीर्णोद्वार व सौंदर्यीकरण में अतिक्रमण बाधक

शहर के बीचों-बीच बहने वाली पूर्व समय की जीवन दायनी सूखा नदी वर्तमान में अतिक्रमण की चपेट में ऐसी फॅस गयी है कि वो अपने मूल स्वरूप को ही खो चुकी है। वर्तमान में वो केवल कचरा वाहक के रूप में सूखा नाले के नाम से जानी जाती है। वहीं देखा जाये तो सूखा नाले के समीप शासकीय भूखंड पर अतिक्रमणकारियों द्वारा हवेली तान दी गयी है जिसे हटवाने में अच्छे अच्छों को पसीना आ जाता है। तत्कालीन कलेक्टर अभिषेक सिंह द्वारा इस मुहिम को विशेष गति प्रदान की गयी थी जिसके तहत सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस तो थमाई गयी किन्तु अतिक्रमण मुक्त करने के पूर्व ही श्री सिंह भार मुक्त हो गये। अब देखना ये होगा कि क्या वर्तमान जिला प्रशासक सूखा नाले को अतिक्रमण मुक्त करने का दम भर पाता है या फिर औपचारिकता में कार्य को पूर्ण किया जाता है।

♦️ इनका कहना

गोपाल दास पुल से कलेक्ट्रेट पुल तक के निर्माण कार्य हेतु अनुमानित लागत 750 लाख रूपए है, जिसका शुभारंभ शनिवार को जिला प्रशासन की अगुवाई में कर दिया गया है। उक्त कार्य की अधिकतम समयावधि 18 माह है। मार्ग निर्माण में बाधक साबित हो रहे अतिक्रमण को जल्द ही जिला प्रशासन के सहयोग से हटवाया जायेगा।
प्रणवीर सिंह
संविदाकर
मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट

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